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कर स्वर्ग | Tax heavens | एचएनआई भारत क्यों छोड़ रहे हैं ? Why HNIs are leaving india ?

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                        टैक्स  हेवन  क्या है?  कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...

अंतरराज्यीय आपूर्ति का अर्थ, महत्व और जीएसटी पर प्रभाव | (Meaning and Importance of Intra-State Supply)

      अंतरराज्यीय आपूर्ति (Intra-state supply) का अर्थ   :   अंतरराज्यीय आपूर्ति , जीएसटी (Goods and Services Tax) के अंतर्गत एक ही राज्य के अंदर ही होने वाली   वस्तु , सेवा , या उत्पाद की बिक्री को सूचित करती है। इसका मतलब है कि जब किसी व्यक्ति या व्यवसायी एक ही राज्य के भीतर   वस्तु   या सेवा बेचता है और खरीदता है , तो यह एक राज्य के भीतर की बिक्री की तरह होती है।   अंतरराज्यीय आपूर्ति (Intra-State Supply) का महत्व कई कारणों से होता है :   जीएसटी पर प्रभाव (Impact On GST) : अंतरराज्यीय आपूर्ति (Intra-State Supply) में जीएसटी के नियम और दरों का अंतर देखा जाता है , और यह सुनिश्चित करता है कि उद्योगकर्ता उस राज्य के नियमों के अनुसार कर देता है जिस राज्य में बिक्री हो रही है।   वसूली की सुविधा (Easy Realisation) :  अंतरराज्यीय   आपूर्ति   की स्थिति में , जीएसटी के तहत कर एक ही राज्य के अंदर वस...