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कर स्वर्ग | Tax heavens | एचएनआई भारत क्यों छोड़ रहे हैं ? Why HNIs are leaving india ?

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                        टैक्स  हेवन  क्या है?  कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...

आयकर अधिनियम में नकद खर्च की सीमा | Cash Expenditure limit in income tax act | Section 40(A)(3) of Income Tax Act, 1961 | Cashless Economy

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                                                     CASH EXPENDITURE LIMIT व्यापार के स्वरूप में बदलाव के साथ ही आयकर अधिनियम में भी लगातार परिवर्तन हो रहे हैं। भारत को नकद रहित अर्थव्यवस्था(Cashless Economy) बनाने के उद्देश्य से, व्यवसायिक खर्चों पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो आयकर अधिनियम की धारा 40(A)(3) के प्रावधानों में निहित हैं।  इसके अनुसार, यदि कोई करदाता(Taxpayer) किसी व्यक्ति को एक ही दिन में नकद में भुगतान करता है, जो कि ₹10,000 से अधिक है और यह भुगतान खाता पेयी चेक, बैंक ड्राफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सिस्टम या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नहीं किया गया है, तो ऐसे खर्च को व्यावसायिक खर्च के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी। इन प्रावधानों को निम्नलिखित रूप में संक्षेपित किया जा सकता है : खर्च एक ही दिन में, नकद में, और एक ही व्यक्ति को किया गया होना चाहिए। खर्च का भुगतान खाता पेयी चेक(Account Payee Cheque), बैंक ड्र...

ई-वाहन की खरीद पर आयकर कटौती | Income tax Deduction on Purchasing E-Vehicle | धारा 80EEB के तहत इलेक्ट्रिक वाहन कर कटौती | जानिए कैसे पा सकते हैं 1.5 लाख रुपये तक की छूट ?

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TAX BENEFIT ON E-VEHICLE EV खरीदारों के लिए बड़ा फायदा! धारा 80EEB के तहत टैक्स कटौती का पूरा विवरण : देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की स्वीकृति को बढ़ावा देने के लिए , केंद्र सरकार ने पिछले दस वर्षों में कई प्रोत्साहनात्मक उपायों की घोषणा की है , जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए कर लाभ (Tax incentive) भी शामिल है। इनमें से एक आयकर कानून के अनुसार दी जाने वाली कटौती है जिसके तहत व्यक्तिगत करदाताओं को इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर लिए गए ऋण के खिलाफ कटौती का दावा करने की अनुमति दी जाती है। क्या आप जानते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर आपको 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिल सकती है? भारत सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए धारा 80EEB के तहत खास टैक्स कटौती की पेशकश कर रही है। आइए जानते हैं कि आप इस लाभ का कैसे फायदा उठा सकते हैं ? धारा 80EEB के तहत कटौती का लाभ उठाने की शर्तें नीचे दी गई हैं : पात्रता:  करदाता केवल व्यक्ति (Individual) होना चाहिए , यानी एचयूएफ(HUF) , एओपी(...