कर स्वर्ग | Tax heavens | एचएनआई भारत क्यों छोड़ रहे हैं ? Why HNIs are leaving india ?

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                        टैक्स  हेवन  क्या है?  कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र(NSC): आयकर छूट के लिए एक विकल्प | National Saving Certificate | Post-Office Investment Scheme

 

"राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र" (National Saving Certificate) एक भारतीय बचत योजना है जो भारत सरकार द्वारा प्रबंधित की जाती है। यह एक प्रकार की जीवन बीमा और निवेश की योजना होती है जिसका उद्देश्य लोगों को बचत करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आयकर छूट की सुविधा प्रदान करना है।

 

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित होती हैं:

  •  निवेश और बचत: राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र का उपयोग निवेश और बचत के लिए किया जा सकता है। इसके माध्यम से निवेशक एक निश्चित अवधि के लिए धन निवेश करते हैं और उसके बाद मूल राशि के साथ ब्याज प्राप्त करते हैं।

 

  • आयकर छूट: राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के निवेश पर निश्चित शर्तों के अनुसार आयकर छूट प्रदान की जाती है।

 

  • अवधि: यह योजना निश्चित अवधि के लिए होती है, जो आमतौर पर 5 और 10 साल के बीच होती है। इस अवधि के अंत में निवेशक मूल राशि के साथ ब्याज प्राप्त करते हैं।

 

  • सुरक्षा: राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र सरकार द्वारा प्रबंधित होती है, इसलिए इसका पूंजीकरण बिना जोखिम के होता है।

 

  • निवेश प्रारूप: राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र को नकद या ड्राफ्ट के माध्यम से खरीदा जा सकता है, और इसे बैंकों और पोस्ट ऑफिसों में उपलब्ध किया जाता है।

 

  • छूट की दिशा: राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र की उपयोगिता केवल आयकर छूट प्राप्त करने के लिए नहीं होती है, बल्कि यह लोगों के लिए सुरक्षित बचत का एक साधन भी होता है।

 

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र एक लोगों के लिए आयकर बचाने और निवेश करने का एक अच्छा माध्यम हो सकता है, लेकिन इसके बारे में अच्छी तरह से समझाने के लिए आपको एक वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना अच्छा होता है।

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