कर स्वर्ग | Tax heavens | एचएनआई भारत क्यों छोड़ रहे हैं ? Why HNIs are leaving india ?

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                        टैक्स  हेवन  क्या है?  कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...

आयकर में छूट पाने के लिए निवेश के विभिन्न विकल्प | Investments u/s 80C of I.T. Act,1961



भारतीय आयकर नियम ,1961  की धारा 80सी

 (Sec. 80C of Indian Income Tax Act, 1961)


"Section 80C" (धारा 80सी)  एक भारतीय कर नियम है जिसका उपयोग करके आप अपनी आयकर छूट   प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ पर कुछ मुख्य जानकारी हैं जो आपको धारा 80C के तहत निवेश के बारे में समझने   में मदद मिलेगी :

 

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): PPF एक पॉपुलर निवेश विकल्प है जिसमें आप एक लॉक-इन पीरियड के साथ पैसे जमा कर सकते हैं और इस पर निर्धारित ब्याज प्राप्त कर सकते हैं।

 

  • लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी: आप अपने जीवन बीमा पॉलिसी पर निवेश करके भी धारा 80C की छूट प्राप्त कर सकते हैं।

 

  • साक्षरता बचत योजना: यह योजना एक शिक्षा बचत योजना होती है जिसमें आप अपने बच्चों की शिक्षा के लिए पैसे जमा कर सकते हैं।

 

  • नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): NSC भी एक बचत योजना होती है जिसमें आप निर्धारित अवधि के लिए पैसे जमा कर सकते हैं और इस पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं।

 

  • टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट: आप बैंक में टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करके भी धारा 80C की छूट प्राप्त कर सकते हैं।

 

  • एक्यूटिस डिपॉजिट और पोस्ट ऑफिस रेस्टिंग डिपॉजिट (RD): आप एक्यूटिस डिपॉजिट और पोस्ट ऑफिस रेस्टिंग डिपॉजिट में भी निवेश करके धारा 80C की छूट प्राप्त कर सकते हैं।

 

  • अन्य निवेश विकल्प: कुछ अन्य विकल्प जैसे कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), ट्यूशन फीस, और हाउस लोन प्रिंसिपल भी धारा 80C के तहत छूट प्राप्त करने के लिए उपयोगी हो सकते हैं।


 80C के तहत निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और आपकी वित्तीय स्थिति के  हिसाब से  सबसे उपयुक्त निवेश विकल्प का चयन करें।




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