टैक्स हेवन क्या है? कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...
आयकर में मानक कटौती | Standard Deduction u/s 16(i) of income tax act,1961
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आयकर अधिनियम में सैलरी वाले कर्मचारियों के
लिए मानक कटौती (Standard Deduction) का प्रावधान शामिल है। मानक कटौती
का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी मानवीय खर्चों की छूट प्रदान करना है, जिसमें केवल
वेतन के बाहर न्यायपूर्ण खर्चों को शामिल किया गया है।
सामान्य नियम :
- आयकर अधिनियम के अनुसार, सैलरी वाले कर्मचारी को मानक कटौती की अधिकतम राशि फाइनेंशियल वर्ष के पहले दिन से लेकर 31 मार्च तक मिलती है।
- आयकर अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2018 के पारित होने के बाद, मानक कटौती की अधिकतम राशि 50,000 रुपये है।
- साधारण रूप से, मानक कटौती की राशि आपकी सालाना वेतन से कट जाती है और आपके आयकर कर्मचारी द्वारा उसे पहले ही आपके आयकर कर की गणना के दौरान छूट के रूप में दर्ज कर देते हैं।
आयकर नियम और कटौती की राशि समय-समय पर बदल सकती
है, और यह वर्तमान आयकर नियमों और विवरण पर भी निर्भर करता है, इसलिए सरकारी आयकर नियमों
और मार्गदर्शन की जांच करने के लिए एक आयकर पेशेवर से सलाह लेना हमेशा सुझावित है।
You May also Read : HRA Exemption Rules for Salaried Individuals
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