कर स्वर्ग | Tax heavens | एचएनआई भारत क्यों छोड़ रहे हैं ? Why HNIs are leaving india ?

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                        टैक्स  हेवन  क्या है?  कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...

जीएसटी नोटिस धारा 73 के अंतर्गत | GST NOTICE U/s 73 of GST ACT | Case of Bonafide intention


NOTICE U/S 73


  •  यह अनुभाग(Section) उन करों के निर्धारण(determination of tax) से संबंधित है जो या तो अधूरे तरीके से प्रस्तुत किए गए हैं(Tax not paid), या जिनका भुगतान कम किया गया है(Tax short-paid), या जिन्हें गलती से वापस कर दिया गया है(Erroneously refunded) यह उन मामलों को भी शामिल करता है जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट(ITC) का गलत तरीके से दावा किया गया है(wrongly availed) या उसका उपयोग किया गया है, बशर्ते कि यह सब धोखाधड़ी(Fraud), जानबूझकर गलत जानकारी(wilful misstatement) या तथ्यों को छिपाने(Suppression of facts) के कारण न हो।
  • आदेश जारी करने के लिए उपधारा (10) में निर्दिष्ट आदेश जारी करने की समय-सीमा से कम से कम 3 महीने पहले उचित अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा।
  • जहां इस धारा के अंतर्गत किसी अवधि के लिए नोटिस जारी किया गया है, वहां समुचित अधिकारी द्वारा एक विवरण प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसमें भुगतान न किए गए कर या कम भुगतान किए गए कर या गलत तरीके से वापस किए गए कर या गलत तरीके से प्राप्त या उपयोग किए गए आईटीसी का ब्यौरा शामिल होगा।
  • ऐसे कथन की तामील इस धारा के अधीन ऐसे व्यक्ति पर नोटिस की तामील समझी जाएगी, बशर्ते कि धारा 73(1) के अधीन आने वाली कर अवधियों के अलावा अन्य कर अवधियों के लिए जिन आधारों पर भरोसा किया गया है वे वही हैं जो पहले की सूचना में उल्लिखित हैं।
  • कर से प्रभार्य(Chargeable) व्यक्ति, धारा 73(1) के अधीन नोटिस की तामील से पूर्व या, जैसा भी मामला हो, इस धारा के अधीन विनिर्दिष्ट विवरण से पूर्व, धारा 50 के अधीन उस पर देय कर की रकम ब्याज सहित, ऐसे कर के अपने स्वयं के निर्धारण के आधार पर या उचित अधिकारी द्वारा निर्धारण किए गए कर के आधार पर अदा कर सकेगा और ऐसे भुगतान के बारे में उचित अधिकारी को लिखित रूप में सूचित कर सकेगा।
  • जहां समुचित अधिकारी की यह राय है कि स्व-मूल्यांकन के आधार पर भुगतान की गई राशि वास्तव में देय राशि से कम है, वहां वह ऐसी राशि के संबंध में, जो वास्तव में देय राशि से कम है, धारा 73(1) में दिए गए अनुसार नोटिस जारी करने के लिए आगे बढ़ेगा।
  • जहां इस धारा के अंतर्गत कर से प्रभारित(Chargeable) कोई व्यक्ति SCN जारी होने के 30 दिनों के भीतर धारा 50 के अंतर्गत देय कर तथा ब्याज का भुगतान कर देता है, वहां कोई जुर्माना देय नहीं होगा तथा उक्त नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाहियां समाप्त मानी जाएंगी।
  • इसके अंतर्गत एक निर्णय आदेश(Adjudication order) संबंधित वर्ष के वार्षिक रिटर्न(Annual Return) की देय तिथि से तीन वर्ष के भीतर जारी किया जाएगा।
  • यदि कर के लिए उत्तरदायी कोई व्यक्ति SCN प्राप्त करने के तीस दिन के भीतर देय राशि और ब्याज का भुगतान करता है, तो कोई दंड(Penalty) लागू नहीं होगा और नोटिस से संबंधित सभी प्रक्रियाएँ समाप्त मानी जाएंगी।



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