कर स्वर्ग | Tax heavens | एचएनआई भारत क्यों छोड़ रहे हैं ? Why HNIs are leaving india ?

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                        टैक्स  हेवन  क्या है?  कई देशों और क्षेत्रों में, आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कर और गैर-कर प्रोत्साहन का उपयोग किया जाता है। ऐसे देश या क्षेत्र विदेशी निवेशकों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करते हैं, जहां या तो कर बिल्कुल नहीं होते या केवल नाममात्र का कर लिया जाता है । इसके साथ ही, वहां आमतौर पर प्रशासनिक और नियामक नियमों में भी ढील दी जाती है। इसके अलावा, इन गतिविधियों पर किसी प्रकार का सूचना आदान-प्रदान भी नहीं होता, जैसे कि कड़े बैंक गोपनीयता नियमों के कारण। ऐसे क्षेत्रों को " टैक्स हेवन " यानी कर स्वर्ग कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, जिन देशों ने अपनी कर नीतियों में बदलाव करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने की कोशिश की है, उन्हें टैक्स हेवन माना जा सकता है। देश टैक्स हेवन का उपयोग क्यों करते हैं ? टैक्स हेवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कानून और अन्य उपायों का इस्तेमाल अन्य देशों के कर नियमों से बचने या उन्हें दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे देशों मे...

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में अतिरिक्त आयकर छूट (धारा 80CCD(1B))

Deduction for NPS


आयकर अधिनियम में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की अतिरिक्त छूट के विवरण को निम्नलिखित रूप में प्रस्तुत किया गया है:

 

  • धारा 80CCD(1B): यह धारा नेशनल पेंसन सिस्टम (NPS) के निवेशकों को अतिरिक्त छूट प्रदान करती है जिन्होंने अपने NPS खातों में निवेश किया है।

 

  • छूट की राशि: आप इस छूट के तहत अपनी वार्षिक आयकर छूट के रूप में 50,000 रुपये तक की राशि का लाभ उठा सकते हैं।

 

  • कौन योग्य है: यह छूट नेशनल पेंसन सिस्टम (NPS) के सभी निवेशकों के लिए उपलब्ध है, चाहे वे व्यक्तिगत निवेशक हों या कर्मचारी हों जो कंपनी के द्वारा NPS में निवेश करते हैं।

 

इस छूट का उपयोग करने के लिए आपको अपने आयकर रिटर्न (ITR) में धारा 80CCD(1B) की छूट की राशि का उल्लेख करना होगा। ध्यान दें कि यह छूट की विशेष शर्तें और मान्यता की जानकारी कानूनी परिवर्तनों के साथ बदल सकती है, इसलिए आपको सबसे नवाचित आयकर निर्देशों का पालन करना चाहिए और अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए।




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