क्रेडिट नोट / डेबिट नोट क्यों जारी किया जाता है ? Why Credit Note/Debit Note is issued ?
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व्यापार में अक्सर ऐसा होता है कि किसी सौदे के बाद मूल चालान में संशोधन(Change in Original invoice) की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए GST प्रणाली में क्रेडिट और डेबिट नोट का प्रावधान किया गया है। ये नोट्स व्यापारियों को अपने वित्तीय रिकॉर्ड(Financial records) को सही बनाए रखने और कर देनदारी(Tax-liability) को ठीक से समायोजित(adjust) करने में मदद करते हैं। इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि क्रेडिट और डेबिट नोट कब और कैसे जारी किए जाते हैं और उनका क्या प्रभाव पड़ता है ?
क्रेडिट नोट:
GST अधिनियम
के तहत, वस्तुओं या सेवाओं के आपूर्तिकर्ता द्वारा क्रेडिट नोट जारी करने के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:
a) यदि चालान में उल्लिखित कर
योग्य मूल्य(Taxable Value) या कर देय(Tax Charged), वास्तविक
कर योग्य मूल्य(Actual Taxable value) से अधिक हो।
b) यदि प्राप्तकर्ता द्वारा वस्तुएं लौटाई जाती हैं। (Sales-Return)
c) यदि
आपूर्ति(Supply) में कोई कमी
पाई जाती है।
GST अधिनियम के प्रावधानों के
अनुसार, आपूर्तियों(Supplies) पर भुगतान किया
गया अतिरिक्त कर(Additional Tax) आपूर्तिकर्ता के आउटपुट कर
देयता(Output Tax Liability)
में समायोजित(Adjust) किया जाएगा।
उदाहरण : मान लीजिए कि एक विक्रेता ने 1 लाख रुपये मूल्य की वस्तुएं बेचीं और 18% GST सहित 1,18,000 रुपये का चालान जारी किया। बाद में ग्राहक ने 20,000 रुपये की वस्तुएं लौटा दीं। ऐसे में विक्रेता 20,000 रुपये के लिए एक क्रेडिट नोट जारी करेगा, जिससे उसकी GST देनदारी भी कम हो जाएगी।
क्रेडिट नोट या डेबिट नोट निम्नलिखित शर्तों के अधीन होना चाहिए:
a) क्रेडिट नोट उस वित्तीय वर्ष के अंत के बाद 30 सितंबर से पहले या वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तारीख से पहले, जो भी पहले हो(Whichever is earlier), जारी(issue) किया जाना चाहिए।
b) क्रेडिट नोट का विवरण उस वित्तीय वर्ष के अंत के बाद के 30 सितंबर तक या उससे पहले मासिक रिटर्न (GSTR-1) में या संबंधित वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तारीख से पहले, में जो भी पहले हो(Whichever is earlier), घोषित(declare) किया जाना चाहिए।
डेबिट नोट:
डेबिट नोट जारी करने को निम्नलिखित रूप में संक्षेपित(Brief) किया जा सकता है :
a) यदि जारी(issued) किए गए
कर चालान(Tax invoice) में कर योग्य
मूल्य(Taxable Value) उस आपूर्ति के
कर योग्य मूल्य से कम है,
तो डेबिट नोट जारी किया
जाता है। इसे GST पोर्टल
पर भी दिखाना आवश्यक
है।
b) कोई
भी कर योग्य व्यक्ति
जो वस्तुओं या सेवाओं या
दोनों की आपूर्ति से
संबंधित डेबिट नोट जारी करता
है, उसे उस महीने
के रिटर्न में डेबिट नोट
का विवरण घोषित करना होगा जिसमें
वह डेबिट नोट जारी किया
गया है।
उदाहरण : मान लीजिए कि किसी विक्रेता ने गलती से 50,000 रुपये का चालान जारी कर दिया, जबकि वास्तविक आपूर्ति मूल्य 60,000 रुपये था। इस स्थिति में विक्रेता 10,000 रुपये के अंतर को समायोजित करने के लिए एक डेबिट नोट जारी करेगा और GST पोर्टल पर इसे दिखाएगा।
आइये उपरोक्त नियमों को एक संक्षिप्त तालिका की सहायता से समझें :
|
परिस्थिति |
क्रेडिट नोट जारी किया जाएगा यदि... |
डेबिट नोट जारी किया जाएगा यदि... |
|
मूल्य में त्रुटि(Error in Value) |
चालान में अधिक राशि लिख दी गई हो |
चालान में कम राशि लिख दी गई हो |
|
वस्तु
वापसी(Goods Return) |
ग्राहक
ने कुछ वस्तुएं लौटा दी हों |
लागू
नहीं |
|
सेवा में कमी(Shortfall in value of service) |
दी गई सेवा में त्रुटि या कमी हो |
लागू नहीं |
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